LIVE 24 TV · 1/38
सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर एक के बाहर पुलिसकर्मियों का जमावड़ा शुरू हुआ। प्रदर्शन में पुरुष और महिला पुलिसकर्मी दोनों शामिल थे। कुछ जवान हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और दोनों अधिकारियों की बहाली की मांग करने लगे।
LIVE 24 TV · 2/38
LIVE 24 TV | नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार, 2 नवंबर को एक असामान्य नजारा देखने को मिला। आमतौर पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने वाली दिल्ली पुलिस के जवान इस बार खुद प्रदर्शन करने सड़क पर उतर
LIVE 24 TV · 3/38
आए। दिलचस्प बात यह रही कि प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों को रोकने और समझाने के लिए दिल्ली पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर एक के बाहर करीब 80 से 100 पुलिसकर्मी जमा हुए। उनके हाथों में पोस्टर और
LIVE 24 TV · 4/38
तख्तियां थीं। वे दो पुलिस अधिकारियों के तबादले का विरोध कर रहे थे और उन्हें उनकी पुरानी तैनाती पर वापस भेजने की मांग कर रहे थे। यह पूरा विवाद शाहदरा थाने में 23 अक्टूबर को पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प से जुड़ा है। इस घटना में एक वकील के घायल होने
LIVE 24 TV · 5/38
के बाद वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया। अधिकारियों के तबादले के बाद वकीलों ने हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन पुलिसकर्मियों
LIVE 24 TV · 6/38
के एक वर्ग में नाराजगी फैल गई। उनका कहना है कि उनके साथी अधिकारियों का पक्ष सुने बिना कार्रवाई की गई। सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अनुशासन बनाए रखने और बातचीत के जरिए
LIVE 24 TV · 7/38
मामला सुलझाने की अपील की। आखिर पुलिसवाले अपने ही विभाग के खिलाफ क्यों उतरे सड़क पर? इस पूरे विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को हुई थी। दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकील ललित बंसल और पुलिसकर्मियों के बीच कथित हाथापाई हुई थी। आरोप है कि इस घटना के
LIVE 24 TV · 8/38
दौरान वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद पुलिस और वकीलों के बीच विवाद बढ़ गया। घटना की जानकारी मिलने पर वकील संगठनों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। दिल्ली की जिला अदालतों से जुड़े वकीलों ने
LIVE 24 TV · 9/38
अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। उनका कहना था कि वकील के साथ कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, पुलिसकर्मियों के एक वर्ग ने इस विवाद को पुलिस थानों में कर्मचारियों की सुरक्षा और
LIVE 24 TV · 10/38
वकीलों के व्यवहार से भी जोड़ा। लगातार बढ़ते विवाद के बीच 28 अक्टूबर को दो पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। इसी फैसले के बाद पुलिसकर्मियों में नाराजगी सामने आई। किन दो अधिकारियों के तबादले को लेकर हुआ प्रदर्शन? इस विवाद के केंद्र में दिल्ली पुलिस
LIVE 24 TV · 11/38
के दो अधिकारी हैं। 1. एसीपी मनस्वी वशिष्ठ- मनस्वी वशिष्ठ गांधी नगर सब-डिवीजन में एसीपी के पद पर तैनात थे। 28 अक्टूबर को उनका तबादला स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में कर दिया गया। 2. इंस्पेक्टर अरुण कुमार- अरुण कुमार शाहदरा पुलिस
LIVE 24 TV · 12/38
स्टेशन में स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) के पद पर तैनात थे। उनका तबादला दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी यूनिट में कर दिया गया। दोनों तबादले वकीलों और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद किए गए थे। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों का कहना है कि इन अधिकारियों के खिलाफ लिया
LIVE 24 TV · 13/38
गया प्रशासनिक निर्णय उचित नहीं है। वे दोनों अधिकारियों को उनकी पुरानी जिम्मेदारियों पर बहाल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक तबादला अपने आप में किसी अधिकारी के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जाता। वकील के घायल होने और कथित दुर्व्यवहार के
LIVE 24 TV · 14/38
आरोपों की स्वतंत्र जांच भी महत्वपूर्ण है। पुलिस मुख्यालय के बाहर करीब 100 जवान, डीसीपी ने समझाया सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर एक के बाहर पुलिसकर्मियों का जमावड़ा शुरू हुआ। प्रदर्शन में पुरुष और महिला पुलिसकर्मी दोनों शामिल थे। कुछ
LIVE 24 TV · 15/38
जवान हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और दोनों अधिकारियों की बहाली की मांग करने लगे। स्थिति को संभालने के लिए नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखना
LIVE 24 TV · 16/38
जरूरी है। डीसीपी ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ सहित अन्य जवानों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से मुख्यालय के अंदर चलकर वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का आग्रह किया। शुरुआत में
LIVE 24 TV · 17/38
प्रदर्शनकारी बाहर ही अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वे पुलिस आयुक्त के साथ सीधे बातचीत करना चाहते हैं। एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने कहा—हम पुलिस की सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं प्रदर्शन में तबादले का सामना करने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ भी शामिल
LIVE 24 TV · 18/38
हुए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिसकर्मी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखना चाहते हैं। उन्होंने इसे पुलिसकर्मियों की ओर से स्वाभाविक रूप से उठी आवाज बताया। एसीपी वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और
LIVE 24 TV · 19/38
धमकी की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि यदि पुलिस थानों के भीतर ही पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं होंगे, तो वे आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे? उन्होंने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के साथ ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए स्पष्ट मानक संचालन
LIVE 24 TV · 20/38
प्रक्रिया यानी SOP बनाने की भी मांग की। पुलिसकर्मियों का कहना था कि वे विभाग के खिलाफ विद्रोह नहीं कर रहे, बल्कि अपनी समस्याएं वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाना चाहते हैं। इस प्रदर्शन की तैयारी कई दिन पहले से शुरू हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली
LIVE 24 TV · 21/38
पुलिस के विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में संदेश प्रसारित किए गए थे। इन संदेशों में पुलिसकर्मियों से 2 नवंबर को सुबह 8 बजे पुलिस मुख्यालय के बाहर पहुंचने की अपील की गई थी। इसका उद्देश्य तबादले का सामना करने वाले दोनों अधिकारियों के समर्थन में एकजुटता
LIVE 24 TV · 22/38
दिखाना और पुलिस आयुक्त से मुलाकात की मांग करना था। मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा तो जिला डीसीपी और विभिन्न यूनिट प्रमुखों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की प्रदर्शन में भागीदारी रोकने के लिए कहा गया। इसके बावजूद सोमवार सुबह बड़ी संख्या में
LIVE 24 TV · 23/38
जवान मुख्यालय के बाहर पहुंच गए। कुछ रिपोर्टों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई है। वकीलों का क्या आरोप है? इस पूरे विवाद में वकीलों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। वकील संगठनों का आरोप है कि 23 अक्टूबर की घटना
LIVE 24 TV · 24/38
में अधिवक्ता ललित बंसल को चोट लगी थी और पुलिस की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई। कुछ वकीलों ने पुलिस अधिकारियों पर धमकाने और दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वकीलों ने एक अधिकारी पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का
LIVE 24 TV · 25/38
आरोप लगाया था। इसके बाद दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने हड़ताल शुरू की और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। 28 अक्टूबर को दोनों अधिकारियों के तबादले के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। लेकिन पुलिसकर्मियों का एक वर्ग इस
LIVE 24 TV · 26/38
कार्रवाई से असंतुष्ट है। इस मामले में दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। वकील पर कथित हमले और पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की सत्यता जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है। दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच यह पहला
LIVE 24 TV · 27/38
बड़ा विवाद नहीं है। नवंबर 2019 में दिल्ली की तीस हजारी अदालत परिसर में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उस घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया था। जवानों ने अपनी सुरक्षा और संबंधित घटनाओं में
LIVE 24 TV · 28/38
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई थी। उस समय पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन कई घंटों तक चला था और वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा था। अब नवंबर 2026 में एक बार फिर पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद के कारण पुलिसकर्मी मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए हैं।
LIVE 24 TV · 29/38
दोनों घटनाएं पुलिसकर्मियों की कार्यस्थल सुरक्षा, विभागीय शिकायत निवारण और पुलिस-वकील संबंधों जैसे मुद्दों को सामने लाती हैं। 3 नवंबर को उपराज्यपाल पुलिसकर्मियों से करेंगे बातचीत दिल्ली पुलिस में जारी इस विवाद के बीच उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का
LIVE 24 TV · 30/38
पुलिसकर्मियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम भी निर्धारित है। यह कार्यक्रम मंगलवार, 3 नवंबर को किंग्सवे कैंप स्थित उत्सव सदन में शाम 4 बजे आयोजित किया जाना है। इसमें कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पुलिसकर्मियों के शामिल होने की योजना है।
LIVE 24 TV · 31/38
कार्यक्रम के लिए विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों से कर्मचारियों को नामित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि यह पहले से निर्धारित संवाद कार्यक्रम है और इसे केवल सोमवार के प्रदर्शन का परिणाम नहीं माना जाना चाहिए। इस बैठक में पुलिसकर्मियों की समस्याओं
LIVE 24 TV · 32/38
और कार्यस्थल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस विवाद से दिल्ली पुलिस के सामने कौन से सवाल खड़े हुए? पुलिस मुख्यालय के बाहर अपने ही कर्मचारियों के प्रदर्शन ने कई महत्वपूर्ण सवाल पैदा किए हैं। पहला सवाल पुलिसकर्मियों की सुरक्षा का है।
LIVE 24 TV · 33/38
पुलिसकर्मियों का कहना है कि थानों में उनके साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी जैसी घटनाओं के खिलाफ स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। दूसरा सवाल प्रशासनिक फैसलों की पारदर्शिता का है। प्रदर्शनकारी जानना चाहते हैं कि दोनों अधिकारियों के तबादले किन परिस्थितियों में
LIVE 24 TV · 34/38
किए गए और क्या संबंधित पक्षों की बात सुनी गई। तीसरा सवाल पुलिस बल के अनुशासन का है। दिल्ली पुलिस एक अनुशासित बल है। ऐसे में कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान निर्धारित विभागीय प्रक्रियाओं के माध्यम से होना महत्वपूर्ण है। चौथा सवाल पुलिस और वकीलों के
LIVE 24 TV · 35/38
बीच समन्वय का है। दोनों ही न्यायिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इनके बीच विवाद होने से सामान्य पुलिस और न्यायिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। अब दो अफसरों के तबादले पर क्या होगा फैसला? दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर सोमवार को हुआ प्रदर्शन कई
LIVE 24 TV · 36/38
मायनों में असामान्य रहा। पुलिसकर्मी अपने ही विभाग के दो अधिकारियों के तबादले के विरोध में सड़क पर उतरे, जबकि दूसरे पुलिस अधिकारी उन्हें रोकने और समझाने में लगे रहे। यह पूरा मामला 23 अक्टूबर की पुलिस-वकील झड़प, 28 अक्टूबर के दो तबादलों और
LIVE 24 TV · 37/38
पुलिसकर्मियों की नाराजगी से जुड़ा है। सोमवार को प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों और पुलिस आयुक्त के बीच बातचीत होने की खबर सामने आई है, लेकिन दोनों अधिकारियों की पुरानी पोस्टिंग बहाल करने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या दिल्ली पुलिस
LIVE 24 TV · 38/38
प्रशासन दोनों अधिकारियों के तबादले पर पुनर्विचार करेगा और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा तथा शिकायतों के समाधान के लिए कोई नई व्यवस्था बनाएगा? आने वाले दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों के फैसले से इस विवाद की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।