LIVE 24 TV · 1/43

चक्रवात ‘अर्नब’ का तांडव! आंध्र में तबाही, 15 हजार बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट!

चक्रवात अर्नब का सबसे अधिक असर काकीनाडा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, एलुरु और आसपास के जिलों में देखने को मिला। पश्चिमी गोदावरी जिले में बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए, जिससे कई प्रमुख सड़कें बाधित हो गईं।

LIVE 24 TV · 2/43

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 29 अक्टूबर 2026 बंगाल की खाड़ी से उठा शक्तिशाली चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाने के बाद कमजोर पड़ गया है। बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह तट से टकराए इस तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर

LIVE 24 TV · 3/43

दिया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण हजारों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, सड़कों को नुकसान पहुंचा, कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हो गईं। शुरुआती रिपोर्टों में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। हालांकि, 29

LIVE 24 TV · 4/43

अक्टूबर को रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने छह मौतों की पुष्टि की, जबकि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या नौ तक बताई गई है। अंतिम आधिकारिक आंकड़ा स्पष्ट होने तक इन संख्याओं में अंतर बना हुआ है। तूफान से

LIVE 24 TV · 5/43

सबसे ज्यादा नुकसान तटीय जिलों में हुआ है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्य जारी हैं, जबकि प्रशासन के सामने बिजली आपूर्ति बहाल करना, जलभराव दूर करना और किसानों को हुए नुकसान का आकलन करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। कब और कहां टकराया चक्रवात अर्नब? भारत

LIVE 24 TV · 6/43

मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर को सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। इसका केंद्र नरसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, यानम से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से लगभग

LIVE 24 TV · 7/43

60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। इस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और हवा के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। तूफान को IMD ने तट से टकराने के समय 'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' की श्रेणी में रखा था। चक्रवात अर्नब

LIVE 24 TV · 8/43

का सबसे अधिक असर काकीनाडा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, एलुरु और आसपास के जिलों में देखने को मिला। पश्चिमी गोदावरी जिले में बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए, जिससे कई प्रमुख सड़कें बाधित हो गईं। काकीनाडा के उप्पाडा

LIVE 24 TV · 9/43

तटीय इलाके में तेज समुद्री लहरों ने सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर समुद्र किनारे बड़े पत्थर विस्थापित हो गए और तटीय कटाव की समस्या बढ़ गई। विशाखापत्तनम में भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हुआ। कई स्थानों पर बिजली के तार टूटने

LIVE 24 TV · 10/43

और खंभे गिरने से लोगों की जान को खतरा पैदा हुआ। किसानों पर सबसे बड़ी मार, 2.24 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के कृषि क्षेत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती सरकारी आकलन के अनुसार, राज्य के 14 जिलों में लगभग

LIVE 24 TV · 11/43

2,24,489 हेक्टेयर कृषि और बागवानी फसलें प्रभावित हुई हैं। करीब 3.45 लाख किसानों को नुकसान होने का अनुमान है। सबसे अधिक नुकसान धान की फसलों को हुआ है। करीब 2,09,460 हेक्टेयर में धान प्रभावित हुआ है। इसके अलावा केले, नारियल, पपीता और सब्जियों की फसलों

LIVE 24 TV · 12/43

को भी तेज हवाओं तथा जलभराव से नुकसान पहुंचा है। खरीफ सीजन में धान की फसल कटाई के करीब थी। ऐसे समय में तेज हवाओं से पौधों का जमीन पर गिरना और खेतों में पानी जमा होना किसानों के लिए आर्थिक संकट पैदा कर सकता है। राज्य के कृषि मंत्री किंजरापु अत्चन्नायडू

LIVE 24 TV · 13/43

ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से प्रभावित किसानों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता और अग्रिम राहत राशि जारी करने का अनुरोध किया है। कृषि विभाग की टीमें नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण कर रही हैं। आपको बता दें कि चक्रवात की तेज हवाओं से आंध्र

LIVE 24 TV · 14/43

प्रदेश में लगभग 15 हजार बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली की तारें टूट गईं और संचार सेवाएं प्रभावित हुईं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, अधिकांश जिलों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन कोनसीमा और पश्चिमी

LIVE 24 TV · 15/43

गोदावरी के कुछ इलाकों में मरम्मत का काम जारी है। अधिकारियों को आवश्यक सेवाएं जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का बड़ा ऐलान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को राज्य सचिवालय में रियल टाइम

LIVE 24 TV · 16/43

गवर्नेंस सिस्टम केंद्र से चक्रवात की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शुरुआती पांच मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों के लिए अन्य राहत उपायों की भी जानकारी दी। जलभराव से प्रभावित

LIVE 24 TV · 17/43

घरों के परिवारों को 25 किलो चावल। हथकरघा कामगारों और मछुआरों को 50 किलो चावल तथा निर्धारित खाद्य सामग्री। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को 1,000 रुपये की सहायता। केले की फसल के नुकसान पर 35 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और टमाटर पर 25 हजार रुपये प्रति

LIVE 24 TV · 18/43

हेक्टेयर सहायता का प्रस्ताव। फसलों के लिए प्रस्तावित सहायता राशि का अंतिम निर्णय और पात्रता सरकारी आदेशों के अनुसार तय होगी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से नुकसान का आकलन कराने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का भी अनुरोध किया है। ओडिशा में भारी बारिश का

LIVE 24 TV · 19/43

क़हर आंध्र प्रदेश के बाद चक्रवात का असर पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी दिखाई दिया। गजपति, गंजाम, कोरापुट, रायगड़ा, मलकानगिरी और नबरंगपुर जैसे जिलों में भारी बारिश हुई। रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा में 43,827 लोगों को 634 राहत केंद्रों में सुरक्षित पहुंचाया

LIVE 24 TV · 20/43

गया। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को जिम्मेदारी दी है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राहत-बचाव कार्य तेज करने और बिजली, पानी तथा संचार सेवाओं को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं। गजपति

LIVE 24 TV · 21/43

जिले के महेंद्रगढ़ क्षेत्र में लगभग 250 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ, जबकि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद रखा गया। चक्रवात के कारण पूर्वी तट पर परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कई रेलगाड़ियां रद्द

LIVE 24 TV · 22/43

की गईं, जबकि कुछ विमानों की उड़ानें रद्द या परिवर्तित करनी पड़ीं। विशाखापत्तनम, काकीनाडा और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ। समुद्र में खराब मौसम के कारण आंध्र प्रदेश तट के पास 20 चालक दल के सदस्यों वाला एक मालवाहक जहाज भी फंस गया। अब

LIVE 24 TV · 23/43

कहां पहुंचा चक्रवात अर्नब? मौसम विभाग का नया अपडेट IMD के 29 अक्टूबर को जारी राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, अर्नब कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र और उसके बाद सामान्य दबाव क्षेत्र में बदल गया। इसका प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा आसपास के दक्षिण ओडिशा

LIVE 24 TV · 24/43

क्षेत्रों की ओर बढ़ा। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर के दौरान छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन चेतावनियों का स्तर अलग-अलग जिलों में अलग हो

LIVE 24 TV · 25/43

सकता है। तूफान कमजोर होने के बावजूद कई क्षेत्रों में जलभराव, तेज हवा और अचानक भारी बारिश का खतरा बना रह सकता है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। समुद्र

LIVE 24 TV · 26/43

में कैसे बनता है चक्रवात? वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवात बनने के लिए समुद्र की सतह का तापमान सामान्यतः लगभग 26.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना चाहिए। जब समुद्र का पानी गर्म होता है, तो बड़ी मात्रा में जलवाष्प वातावरण में पहुंचती है। गर्म और नम

LIVE 24 TV · 27/43

हवा ऊपर उठती है। ऊंचाई पर पहुंचकर यह ठंडी होती है और जलवाष्प संघनित होकर बादलों में बदलने लगती है। इस दौरान निकलने वाली ऊष्मा तूफान को ऊर्जा प्रदान करती है। हवा के ऊपर उठने से समुद्र की सतह के पास कम दबाव का क्षेत्र विकसित होता है। आसपास की हवाएं

LIVE 24 TV · 28/43

तेजी से इस क्षेत्र की ओर बढ़ने लगती हैं। पृथ्वी के घूमने के कारण ये हवाएं सीधे केंद्र में जाने के बजाय घूमने लगती हैं। अनुकूल परिस्थितियों में यह प्रणाली धीरे-धीरे शक्तिशाली चक्रवात का रूप धारण कर सकती है। चक्रवात के दौरान तेज हवाएं समुद्र की सतह पर

LIVE 24 TV · 29/43

लगातार दबाव डालती हैं और पानी को ऊर्जा प्रदान करती हैं। इससे समुद्र में विशाल और खतरनाक लहरें पैदा होती हैं। सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है, जब चक्रवात समुद्र के पानी को तटीय इलाकों की ओर धकेलता है। इससे समुद्र का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इस घटना को

LIVE 24 TV · 30/43

स्टॉर्म सर्ज यानी तूफानी उफान कहा जाता है। तूफानी उफान के कारण समुद्री पानी शहरों, गांवों, खेतों और सड़कों तक पहुंच सकता है। कई बार घर डूब जाते हैं, फसलें बर्बाद हो जाती हैं और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ता है। यही नहीं

LIVE 24 TV · 31/43

शक्तिशाली चक्रवात के केंद्र में एक गोलाकार हिस्सा बन सकता है, जिसे चक्रवात की 'आंख' कहा जाता है। यहां हवाएं अपेक्षाकृत शांत होती हैं, लेकिन इसके आसपास के क्षेत्र में अत्यधिक तेज हवाएं और भारी बारिश होती है। कई शक्तिशाली चक्रवातों में हवाओं की रफ्तार

LIVE 24 TV · 32/43

200 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक हो सकती है। इससे बिजली के खंभे, पेड़ और कमजोर इमारतें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। भारत में बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवात विशेष रूप से खतरनाक हो सकते हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय

LIVE 24 TV · 33/43

इलाकों में इनका गंभीर प्रभाव देखने को मिलता है। अरब सागर में बनने वाले चक्रवात भी गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं। ये भारत के वो राज्य है जहाँ पर सबसे ज्यादा खतरा है। चक्रवात से कैसे बचें? चक्रवात एक खतरनाक प्राकृतिक

LIVE 24 TV · 34/43

आपदा है, जो तेज हवाओं, भारी बारिश, समुद्र में ऊंची लहरों और बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकता है। इससे घरों, सड़कों, बिजली व्यवस्था और फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि मौसम विभाग की समय पर चेतावनी और जरूरी सावधानियां अपनाकर

LIVE 24 TV · 35/43

जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। चक्रवात की चेतावनी मिलते ही सबसे पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ध्यान दें। घर की छत, दरवाजों और खिड़कियों की जांच करें। कमजोर हिस्सों की मरम्मत कराएं।

LIVE 24 TV · 36/43

घर के आसपास रखी टिन की चादरें, गमले और अन्य हल्की वस्तुएं सुरक्षित स्थान पर रखें, क्योंकि तेज हवाओं में ये खतरनाक हो सकती हैं। मोबाइल फोन, पावर बैंक और टॉर्च चार्ज रखें। कम से कम तीन दिनों के लिए पर्याप्त पीने का पानी, सूखा भोजन, जरूरी दवाएं और

LIVE 24 TV · 37/43

प्राथमिक उपचार की सामग्री तैयार रखें।आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात वाटरप्रूफ बैग में सुरक्षित रखें। तूफान शुरू होने पर घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें। खिड़कियों, कांच के दरवाजों और कमजोर दीवारों से दूर रहें। बिजली के

LIVE 24 TV · 38/43

उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें। यदि पानी घर में प्रवेश करने लगे, तो सुरक्षित और सूखी जगह से ही मुख्य बिजली आपूर्ति बंद करें। तेज हवाओं के दौरान बाहर निकलने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। कई बार चक्रवात के बीच अचानक

LIVE 24 TV · 39/43

हवाएं शांत हो जाती हैं। इसे तूफान खत्म होने का संकेत न समझें। यह चक्रवात की आंख हो सकती है, जिसके गुजरने के बाद दोबारा तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। चक्रवात के दौरान समुद्र का जलस्तर अचानक बढ़

LIVE 24 TV · 40/43

सकता है, जिसे स्टॉर्म सर्ज कहा जाता है। मछुआरे मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान समुद्र में न जाएं। समुद्र तट पर घूमने, लहरों की तस्वीरें लेने या वीडियो बनाने से बचें। यदि प्रशासन सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दे, तो तुरंत निकासी केंद्र या चक्रवात

LIVE 24 TV · 41/43

आश्रय स्थल पहुंचें। सामान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। जरूरी दवाइयां, बच्चों का दूध, भोजन और स्वच्छ पानी साथ रखें। परिवार के सभी सदस्यों को पहले से

LIVE 24 TV · 42/43

तय सुरक्षित स्थान और आपातकालीन संपर्क नंबर की जानकारी दें। चक्रवात के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें। मौसम की जानकारी IMD, सरकारी आपदा प्रबंधन एजेंसियों और जिला प्रशासन से ही प्राप्त करें। आपात स्थिति में राष्ट्रीय

LIVE 24 TV · 43/43

आपातकालीन नंबर 112 पर सहायता मांगी जा सकती है।

पूरी खबर पढ़ें